#संविधान का महत्व

एक समय था जब आपके भविष्य का निर्माण ये एंटिना वाले करते थें | आपके साथ क्या करना है, अपने अनुसार से जैसा तैसा करते थें | संविधान से पहले मनुस्मृति को ये कानून बनाये थे, जैसा चाहे वैसा करते थे, संविधान से पहले कोई यहाँ से पैदा लेता था, तो कोई वहां से पैदा लेता था, लेकिन जब से संविधान बना है, तब से अवतार लेना ही बंद हो गया है, कोई इस जानवर से, कोई मिटटी से, कोई हवा से, आग से, न जाने कहाँ-कहाँ से पैदा लेता था |

अब जो भी पैदा लेता है माँ की कोख से पैदा लेता है, ये संविधान का चमत्कार, अवतार लेना ही बंद हो गया है, इस संविधान के कानून से बड़े-बड़े अस्त्र-शस्त्र धारी भी डरते है |

संविधान देश का विधान है, नियम है, जिसके अनुसार ही यह देश चलता है, किसी एंटिना वाले के भगवान से नहीं, उस संसद में ही देश का फैसला होता है | आपके सुख-दुःख का हिसाब कोई नहीं देने वाला, यही संविधान देगा, संविधान में अगर कोई भी बदलाव आएगा तो उसका कारण, और जिम्मेदार जनता होगी |

क्योंकि जनता के द्वारा भेजे गए नेता से ही यह बदलाव होगा |

इसलिए आपको सही नेता को भेजना है, सही लोगों को वोट देना है, बाद में यह न कहना ये तो किसान से जायदा गौ मूत्र के लिए खर्चा कर रहा है |

बाबा साहेब अम्बेडकर ने कहाँ था, यह संविधान इतना लचीला है, की कोई भी इसे आसानी से समझ सकता है |

अगर कोई इस संविधान का गलत उपयोग करता है, तो गलत वह संविधान नहीं, बल्कि गलत करने वाला होगा |

और जो गलत हो रहा है, उसका जिम्मेदार देश के नागरिक होंगे, सरकार होगा | जो गलत होते देख रहा है, और उसके खिलाफ आवाज नहीं उठा रहा है |

संसद ही देश के भविष्य का निर्माण करेगा, संसद की ओर बढ़ो, संसद में अपना अधिकार स्थापित करों, यही बाबा साहेब की उंगली का इशारा है |

कुछ अज्ञानी लोग कहते है, संविधान हमारी रक्षा नहीं कर पा रहा, इसलिए संविधान को बदल देते है |

मैं उनकी बात का जवाब देते हुए, कहता हूँ |

अगर माँ बाप में कोई खराबी हो तो उन्हें बदल नहीं दिया जाता, बल्कि बिमारी और खराबी को दूर किया जाता है |

इसलिए संविधान में कहीं लचीला है, तो संविधान को संशोधन के द्वारा कठोर, या मजबूत किया जाता है |

( स्पष्टीकरण:- संविधान का महत्व जानों, समानता के विधान के जानों, यहीं राजनीति का केंद्र बिंदु है, यही संसद ही लक्ष्य हों | )

13450cookie-check#संविधान का महत्व

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *